भोपाल । मानसून की पहली बारिश ने ही नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। शनिवार रात करीब नौ बजे हुई मानसून की पहली बारिश में शिवनगर, विश्वकर्मा नगर और काजी कैंप क्षेत्र के कई घरों में पानी भर गया।वहीं, डीआईजी बंगला चौराहा भी जलमग्न हो गया, जिसकी वजह से वाहनों को निकालने में मशक्कत का सामना करना पड़ा।
घरों में घुसा पानी
जानकारी के अनुसार, शनिवार को आधे घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों के घरों में पानी घुस गया। सबसे अधिक प्रभावित करोंद क्षेत्र का विश्वकर्मा नगर रहा, जहां आठ से दस घरों में पानी भर गया। घरेलू सामान भीग गया और लोगों को देर रात तक पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
निगम की टीम ने पंप लगाकर निकाला पानी
क्षेत्रीय पार्षद मोहम्मद रियाज ने बताया कि आरसीसी सड़क बनने के बाद कई मकान सड़क के स्तर से नीचे हो गए हैं, जिससे बारिश का पानी सीधे घरों में भर जाता है। सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंप लगाकर पानी निकाला।
बारिश के दौरान काजी कैंप स्थित नगर निगम कॉलोनी के एक घर में भी पानी भरने की शिकायत मिली, जिस पर निगम अमले ने तत्काल कार्रवाई की।
मेट्रो निमार्ण कार्य से परेशानी
वहीं, डीआईजी बंगला चौराहा पूरी तरह जलमग्न हो गया। मेट्रो निर्माण कार्य के बीच जलभराव से यातायात प्रभावित रहा और कई वाहन पानी में फंस गए। शिव नगर क्षेत्र की शिवाजी गली, मस्जिद वाली गली सहित कई क्षेत्रों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
कई घरों तक पानी पहुंच गया और लोगों का आवागमन बाधित रहा। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हर साल नालों की सफाई और बेहतर जल निकासी के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्था फेल हो गई।