
मोदी ने कहा- 15 अगस्त को देश के सामने स्पोर्ट्स विजन रखा। यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है।
पीएम ने कहा- मैं हमेशा कहता हूं- जो खेले, वो खिले। आज युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड चाहिए।
खेल मंत्री मांडविया बोले- स्टेडियम ही नहीं लोगों की सोच भी बदली
वहीं, खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं को देश का उज्ज्वल भविष्य बताया है। 12 जनवरी को युवाओं के साथ समय बिताने का असर बजट में भी दिखा, जिसे वित्त मंत्री ने यूथ ड्रिवन बताया।
उन्होने कहा कि आज सबसे बड़ा बदलाव स्टेडियम में नहीं, बल्कि लोगों की सोच में आया है। एक तरफ वे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तिरंगे को विश्व मंच तक पहुंचाया है। दूसरी तरफ वे खिलाड़ी हैं, जो तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं।
दिग्गज खिलाड़ी भी संवाद में शामिल
कार्यक्रम खेल मंत्रालय के ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, PM के साथ’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसका मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना है।
कार्यक्रम में भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के अलावा मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी समेत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी शामिल हुए। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडलिस्ट से मिल चुके हैं मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले थे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की रील भी इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस बार खिलाड़ियों और युवाओं के साथ संवाद वर्चुअल होगा।