ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में घायलों से मिलने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। सीएम से मिलने आए लोगों को उनसे मुलाकात नहीं करने दी गई। इसके बाद एक महिला आक्रोशित होकर मुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे लेट गई। महिला को हटाने के बाद सीएम वहां से रवाना हो गए।

मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात के बाद कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे में क्या हुआ, इसकी पूरी तहकीकात की जा रही है। घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है। सीएम के साथ प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद भारत सिंह कुशवाहा भी मौजूद थे।

सीएम के रवाना होते ही मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया। आरोपी मनोज शर्मा की मौके पर मौजूद लोगों ने पिटाई कर दी।

हादसे में 15 की मौत, 42 घायल

ग्वालियर के आंतरी स्थित सांतऊ गांव के शीतला माता मंदिर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हादसा हुआ था। नो-एंट्री में घुसा ओवरलोड ट्रक मंदिर की दीवार से टकरा गया था। हादसे में बच्चों समेत 15 लोगों की मौत हुई, जबकि 42 लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री हादसे के बाद 9 पुलिस अधिकारियों और जवानों को निलंबित कर चुके हैं। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।


डीन को थप्पड़ मारने का आरोप, भीड़ ने की पिटाई

सीएम के रवाना होने के बाद मनोज शर्मा नाम के व्यक्ति पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने मनोज की पिटाई कर दी। मनोज ने कहा, “ग्वालियर में भ्रष्टाचारियों की बाढ़ आ गई है, बस इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।” वहीं, डीन ने कहा कि उन्हें आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने भी इस मामले में बयान देने से इनकार किया।

दो भाइयों और चाचा की चिताएं साथ जलीं

हादसे में ग्वालियर के गदाईपुरा निवासी त्यागी परिवार के जुड़वा भाइयों अमन और लव की उनके चाचा अशोक त्यागी के साथ मौत हो गई। तीनों शनिवार रात मां शीतला के दर्शन करने पहुंचे थे। रविवार देर शाम मुरैना के जौरा स्थित पैतृक गांव में तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही परिवार से तीन अर्थियां उठने पर गांव में मातम छा गया। थाटीपुर के गल्ला कोठार में भी दो श्मशान घाटों पर एक साथ अंतिम संस्कार हुए। श्योपुर, शिवपुरी और बड़ागांव में भी मृतकों को अंतिम विदाई दी गई।


12 साल मंदिरों की परिक्रमा के बाद हुए थे दो बेटे

मुरैना के जौरा स्थित हार गांगोली गांव के विद्याराम त्यागी (55) का परिवार कुछ समय से ग्वालियर के गदाईपुरा में रह रहा है। रिश्तेदार राकेश त्यागी के मुताबिक, विद्याराम ने 12 साल तक मंदिरों की परिक्रमा की थी। इसके बाद उनके घर बेटे अमन (15), लव (13) और एक बेटी का जन्म हुआ। शनिवार रात विद्याराम के छोटे भाई अशोक अपने भतीजों अमन और लव के साथ शीतला माता मंदिर गए थे। हादसे में तीनों की जान चली गई।

हादसे के बाद मंदिर में सुरक्षा बढ़ाई

हादसे के बाद मंदिर मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नो-एंट्री पॉइंट पर सख्त पहरा लगाया गया है। अष्टमी और नवमी पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, मंदिर में भीड़ सामान्य दिनों के मुकाबले कम है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का सवाल है कि शनिवार रात ऐसी मुस्तैदी पहले क्यों नहीं दिखाई गई। उनका कहना है कि समय रहते सख्ती होती तो हादसा टाला जा सकता था।