डबरा दौरे पर आए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को काले झंडे दिखाने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने विरोध प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में ले लिया। जीतू पटवारी के शहर से रवाना होने के बाद ही पुलिस ने इन सभी को छोड़ा।

जीतू पटवारी का डबरा में कई जगहों पर स्वागत हुआ। वार्ड 13 में पार्षद हीरा सरदार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके अलावा जीतू पटवारी रामगढ़ रोड पर स्थित कुशवाहा समाज के छात्रावास में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

विरोध से पहले ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को घेरा

पुलिस को पहले ही भनक लग गई थी कि फूले सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्याण सिंह कुशवाहा अपने साथियों के साथ जीतू पटवारी को काले झंडे दिखाने वाले हैं। थाना प्रभारी संजय शर्मा ने इसकी जानकारी बड़े अधिकारियों को दी। इसके बाद चीनौर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह गुर्जर की पुलिस टीम ने पिछोर तिराहा पहुंचकर कल्याण सिंह कुशवाहा, शिव सिंह कुशवाहा, राजेंद्र सिंह कुशवाहा और राकेश सिंह कुशवाहा समेत छह कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया। पुलिस ने सभी को करीब 2 घंटे तक अपनी निगरानी में रखा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के डबरा सीमा से बाहर जाने के बाद ही छोड़ा।


क्यों हो रहा था जीतू पटवारी का विरोध

फूले सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्याण सिंह कुशवाहा ने बताया कि कुशवाहा समाज के छात्रावास का नया अध्यक्ष सर्वसम्मति से सुग्रीव कुशवाहा को चुना गया था। उन्होंने कहा कि शनिवार का कार्यक्रम पूरी तरह से सामाजिक था, इसलिए समाज के ही किसी व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था।

आरोप है कि आयोजकों ने मनमानी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को बुला लिया और पूरा कार्यक्रम कांग्रेस के झंडे तले किया। इसी बात से नाराज होकर वे विरोध जताने जा रहे थे।


कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे मौजूद

दौरे के दौरान जीतू पटवारी ने छात्रावास के कार्यक्रम के बाद कई कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनसे मुलाकात भी की। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव, डबरा विधायक सुरेश राजे और दतिया विधायक घनश्याम सिंह समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।