मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को गुना के राघौगढ़ में कहा- हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के दिल-दिमाग में नफरत भर दी जाती है। सनातन धर्म का सही स्वरूप नहीं बताया गया तो लोग इसे भूलकर हिंदुत्व की तरफ चले जाएंगे।

दिग्विजय ने राम मंदिर के चंदे का हिसाब भी मांगा। चंदे में गड़बड़ी की गई। हिसाब मांगने वाले मांगने वाले और आडवाणी की रथयात्रा का विरोध करने वाले एक महंत की हत्या कर दी गई थी।

वहीं, दिग्विजय के बयान पर खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- दिग्विजय की यात्रा सनातन धर्म को बदनाम करने वाली है। उन्हें शर्म आनी चाहिए।


1000 किलोमीटर की स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे दिग्विजय

दरअसल, दिग्विजय उज्जैन से अयोध्या तक करीब 1000 किलोमीटर की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने इसके दो उद्देश्य बताए- लोकतंत्र बचाना और सनातन धर्म को हिंदुत्व के रूप में पेश किए जाने का विरोध करना।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का संदेश है- 'धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो।' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पूरे विश्व को एक कुटुंब मानता है। कोई भी धार्मिक आयोजन शांति पाठ के बिना पूरा नहीं होता।

उन्होंने कहा कि अगर सनातन धर्म का सही प्रारूप लोगों के सामने नहीं रखा गया तो लोग इसे भूल जाएंगे। इसके बाद हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के मन में नफरत भर दी जाएगी और घर-घर झगड़े होंगे।

80 साल की उम्र में यात्रा शुरू करने की वजह बताई

दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि 80 साल की उम्र में 1000 किलोमीटर की यात्रा पर क्यों निकले हैं। वे विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अब उन्हें देश के सामने लोकतंत्र और सनातन धर्म को लेकर दो बड़े संकट दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने आजादी और संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र जनता के वोट से कायम हुआ है। पहले तलवारों और हथियारों के दम पर सत्ता हासिल की जाती थी, लेकिन अब जनता अपने वोट से सरकार चुनती है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव आयोग को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया।


EVM पर सवाल उठाए, बैलेट पेपर की मांग

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों और सांसदों को खरीदती है और नकली वोट डलवाती है। उन्होंने EVM पर सवाल उठाते हुए कहा कि मशीन में वोट कहां जा रहा है, इसका पता नहीं चलता।

सभा में मौजूद लोगों से बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर सहमति मांगी। दिग्विजय ने राहुल गांधी की वोट चोरी से जुड़ी मुहिम का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाना है।

राम मंदिर के चंदे का हिसाब भी मांगा

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब मांगा। उन्होंने दावा किया कि रामशिला पूजन के दौरान 1400 से 1700 करोड़ रुपए तक चंदा इकट्ठा होने की चर्चा थी, जबकि विश्व हिंदू परिषद ने 8.29 करोड़ रुपए का हिसाब बताया था।

उन्होंने अयोध्या के महंत बाबा लालदास का जिक्र किया। उन्होंने कहा- लालदास ने चंदे का हिसाब मांगा था। विश्व हिंदू परिषद पर राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।

महंत लालदास ने लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा का विरोध भी किया था। 1993 में उन्हें गोली मार दी गई थी। सीबीआई जांच के बावजूद गोली मारने वाले का पता नहीं चल पाया।

सारंग बोले- सनातन को बदनाम करने निकले हैं

दिग्विजय सिंह के बयान पर खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि यह यात्रा सनातन धर्म को बदनाम करने वाली है। सनातन विरोधियों का महिमामंडन करने वाले अब हिंदुत्व सिखाने निकले हैं। दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व को घृणा, विघटन और बिखराव पैदा करने वाला बताया है।