खंडवा में पटवारी के कांड से हिला सिस्टम, खुद और पत्नी के नाम करा लिए 51 पट्टे, दूसरों का मकान और चबूतरा भी नहीं छोड़ा; सस्पेंड
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24-09-2026 01:49 PM
खंडवा: 17 सितंबर से प्रदेश में लागू हुई 'स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' का उद्देश्य ग्रामीण आबादी के पात्र परिवारों को निशुल्क आवासीय भू-अधिकार और रजिस्ट्री दिलाना है। हालांकि, खंडवा जिले के कोलगांव में योजना की शुरुआत से पहले ही भारी गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। यहां गांव के तत्कालीन पटवारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए सार्वजनिक संपत्तियों और ग्रामीणों की जमीन समेत कुल 51 पट्टे अपने और अपनी पत्नी के नाम दर्ज करा लिए।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया खुलासा
इस पूरे खेल की कलई खंडवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने खोली है। उन्होंने दस्तावेजों के हवाले से बताया कि कोलगांव में कुल 935 आवासीय पट्टे जारी किए गए हैं। इनमें से अकेले पटवारी राजेश मंडलोई के नाम 48 और उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 पट्टे दर्ज मिले हैं। गांव की जमीनों के रिकॉर्ड की जिम्मेदारी जिस पटवारी के कंधों पर थी, उसी के परिवार के नाम इतने पट्टे दर्ज होने की खबर से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।सार्वजनिक बावड़ी, चबूतरा और ग्रामीणों के मकान पर कब्जा
ग्रामीण शुभम तोमर की शिकायत का हवाला देते हुए बताया गया कि उनके घर के पीछे खाली मैदान और एक सार्वजनिक बावड़ी स्थित है, जहां मोटर पंप लगाकर आसपास के घरों में पेयजल पहुंचाया जाता है। स्वामित्व योजना के रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि इस पूरे सार्वजनिक उपयोग के हिस्से का पट्टा पटवारी राजेश मंडलोई के नाम चढ़ा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो-तीन साल पहले सर्वे के दौरान पटवारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने आए थे, लेकिन उन्होंने खुद के नाम ही जमीनें दर्ज कर लीं।बस स्टैंड का चबूतरा भी पटवारी के नाम
शिकायत के बाद खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले में तुरंत जांच कमेटी गठित की। वर्तमान पटवारी राकेश पटेल ने जब ग्रामीणों की मौजूदगी में खसरों का स्थलीय मिलान किया तो भारी विसंगतियां पाई गई। बस स्टैंड पर बने आरसीसी छत वाले सार्वजनिक चबूतरे को पटवारी के नाम दर्ज पाया गया। ग्रामीण बलिराम के खसरा नंबर 530 में दर्ज रहवासी मकान को भी रिकॉर्ड में पटवारी के नाम चढ़ा दिया गया था। कई अन्य सरकारी व सार्वजनिक उपयोग की जमीनें भी पटवारी के रिकॉर्ड में मिलीं।कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, पटवारी निलंबित
जांच रिपोर्ट मिलते ही कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने कोलगांव के सभी खसरों और पट्टों की विस्तृत पुनर्गणना और जांच कर रिकॉर्ड को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।